श्रीलंकाः विक्रमसिंघे ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।


श्रीलंका की युनाइटेड नैशनल पार्टी के नेता रानिल विक्रमसिंघे ने आज देश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली, इसके साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के साथ चल रही सत्ता की खींचतान के रुकने के आसार हुए हैं।

श्रीलंका में पिछले कुछ दिनों से संवैधानिक संकट बना हुआ था, अक्तूबर 26 को राष्ट्रपति सिरीसेना ने प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को हटा कर महिंदा राजपक्षे को प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिया था तथा इसके बाद संसद को भंग कर तुरंत चुनाव करने का निर्णय लिया था, जबकि चुनावों में लगभग 20 महीने का समय शेष था। श्रीलंका के सर्वोच्च न्यायालय ने सिरीसेना का संसद भंग करने के निर्णय को पलटते हुए चुनावों की तैयारी रोक दी।

दिसंबर 3 को श्रीलंका न्यायालय ने राजपक्षे तथा उनकी मंत्री परिषद के विरुद्ध अंतरिम आदेश पारित करते हुए उनके कार्यों पर रोक लगाई, जिसके लिये राजपक्षे ने अपील की है। (पढें: श्रीलंका में राजपक्षे की नियुक्ति का निर्णय उच्चतम न्यायालय ने निलंबित किया।)

कई महीनों के राजनैतिक अनिश्चितता तथा संवैधानिक संकट के बाद इस दक्षिण एशियाई द्वीप में अब राजनैतिक स्थिरता की आशा व्यक्त की जा रही है।

भारत के लिये विक्रमसिंघे का प्रधानमंत्री बनना विशेष महत्व रखता है, क्योंकि महिंदा राजपक्षे का झुकाव चीन की ओर रहा है, और उन्होंने भारत की चिंता को किनारे रखते हुए चीन को महत्व देते आये हैं, इसके विपरीत विक्रमसिंघे भारत के प्रति एक अच्छे पड़ोसी होने का भाव रखते हुए भारत की चिंता को महत्व देते हैं।


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