अरुणाचल में चीन की आपत्ति को भारतीय सेना ने अस्वीकार किया।


डोकलाम में चीन द्वारा किये गये विवाद के बाद अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सेना द्वारा आसफिला क्षेत्र में की जा रही पेट्रोलिंग को चीन ने अतिक्रमण कहा है, भारतीय सेना द्वारा चीन की इस आपत्ति को गलत बताते हुए अस्वीकार कर दिया गया।

भारतीय सेना ने चीनी पक्ष द्वारा उठाई गयी आपत्ति के बारे में कहा है कि यह क्षेत्र अरूणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबानसिरी जिले में आता है, और सेना यहां अक्सर पेट्रोलिंग करती है। आसफिला में सेना पेट्रोलिंग का चीन द्वारा विरोध किया जाना आश्चर्यजनक है, क्योंकि चीनी सैनिक ही इस क्षेत्र में घुसपैठ करते हैं।

चीनी सेना अरुणाचल के तवांग के एक बड़े क्षेत्र पर अपना दावा करती है, और उनके अनुसार आसफिला में यदि भारतीय सैनिक पेट्रोलिंग करते हैं तो यह तनाव का कारण बन सकता है, जिसके बाद दोनो पक्षों की बैठक बुलाई गयी, जिसमे भारतीय पक्ष ने स्पष्ट कहा कि यह भारतीय क्षेत्र है, और इसलिये यहां भारतीय सेना पेट्रोलिंग करती रही है।

कुछ समय पूर्व चीनी सेना ने डोकलाम के भूटान के क्षेत्र में निर्माण कार्य करने का प्रयास किया था, जिसका प्रतिकार भारतीय सेना द्वारा किया गया था, दोनो देशों की सेना कई सप्ताह तक एक दूसरे के सामने डटी रही थी, और अंत में चीनी सेना को पीछे हटना पड़ा था। यह उल्लेखनीय है कि बदलते वैश्विक परिवेश में चीन की अपने सभी पड़ोसियों से शत्रुता है और वह अपने आस पास के सभी देशों और अपने स्वयं के लोगों पर शक्ति के बल पर दबाव डालता रहा है।

उल्लेखनीय है कि 1962 में चीनी सेना ने धोखे से भारत पर आक्रमण कर अक्साई चिन के भारतीय क्षेत्र पर बलात कब्जा कर लिया था, उसके पहले भी तिब्बत की भूमि पर चीनी सेना ने आक्रामक हो कर वहाँ अत्याचार किये, जिसके कारण दलाई लामा को भारत आना पड़ा और वह यहीं से तिब्बत की निर्वासित सरकार का संचालन करते हैं।


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